Khatu Shyam Ji

हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा

श्री खाटू श्याम जी

श्री खाटू श्याम जी हिंदू धर्म के अत्यंत पूजनीय देवता हैं, जिन्हें कलयुग के साक्षात् भगवान श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है।माना जाता है कि वे जो भी सच्चे मन से उनका नाम लेता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं

भक्त प्रेम से इन्हें “शीश के दानी”, “खाटू के श्याम” नामों से पुकारते हैं।

shyam baba khatu
मुख्य मंत्र

“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।”
यह मंत्र भक्तों को मानसिक शक्ति देता है और उनकी कृपा को आकर्षित करता है।

श्री खाटू श्याम जी का इतिहास
1. पांडव पुत्र—बर्बरीक

श्री श्याम जी का अवतार बर्बरीक थे, जो पांडव पुत्र घटोत्कच और नागकन्या की संतान थे। बचपन से ही उनमें अद्भुत पराक्रम, विनम्रता और करुणा थी।
उनके पास तीन अद्वितीय बाण थे, जिन्हें “तीन बाण” कहा जाता है।

2. शीश दान की कथा

महाभारत युद्ध से पहले श्री कृष्ण ने उनकी परीक्षा ली।
बर्बरीक ने कहा कि वे हमेशा कमजोर पक्ष का साथ देंगे।
युद्ध का परिणाम समझते हुए श्री कृष्ण ने उनसे दान माँगा।
बर्बरीक ने बिना हिचकिचाहट अपना शीश समर्पित कर दिया। इसलिए उन्हें “शीश के दानी” कहा गया।

युद्ध के बाद श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि—
“कलयुग में तुम्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और तुम्हारे नाम का स्मरण भर से भक्तों के दुख दूर होंगे।”